जिले में बिना मान्यता संचालित पैथोलॉजी लैब और सैंपल कलेक्शन सेंटर मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। कोलारस, बदरवास, रन्नौद, लुकवासा सहित कई क्षेत्रों में ऐसे केंद्र सक्रिय हैं, जहां न तो प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही वैध अनुमति, फिर भी धड़ल्ले से जांच कर मरीजों को संदिग्ध रिपोर्ट थमाई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कई जगह अनावश्यक जांच लिखवाकर कमीशन का खेल भी चल रहा है, जिससे मरीजों की जेब पर सीधा बोझ पड़ रहा है और गलत रिपोर्ट के कारण इलाज पर भी खतरा मंडरा रहा है।
इसी मुद्दे पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी संजय रिशीश्वर से फोन पर बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि “चाहे सैंपल कलेक्शन सेंटर हों या पैथोलॉजी लैब—यदि अवैध रूप से संचालन पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि अब तक इन फर्जी लैबों पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चेतावनी के बाद प्रशासन कब मैदान में उतरकर इन पर लगाम लगाएगा।
निष्कर्ष:
मरीजों की जान से जुड़े इस गंभीर मामले में अब कार्रवाई ही असली कसौटी होगी—वरना चेतावनियां सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएंगी।
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