
सहकारिता और जनविश्वास के स्तंभ चंद्रभान सिंह यादव का निधन
कोलारस विधानसभा ने खोया अपना मजबूत आधार
शिवपुरी जिले के सहकारिता और सार्वजनिक जीवन के एक युगपुरुष, चंद्रभान सिंह यादव का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से कोलारस विधानसभा क्षेत्र सहित संपूर्ण जिले में शोक की लहर है। सहकारिता, राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान ऐसा रहा, जिसने उन्हें जनमानस में एक अटूट स्तंभ के रूप में स्थापित किया।
चंद्रभान सिंह यादव का जन्म कोलारस विधानसभा के सबसे चर्चित गांव एजबारा के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। वे ठाकुर विक्रम सिंह यादव के सुपुत्र थे और अपने परिवार में सबसे छोटे थे। उनसे बड़े भाई रघुराज सिंह यादव और लालसाहब यादव क्षेत्र के सम्मानित और राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्तित्व रहे। राजनीति और संगठन के गुण चंद्रभान सिंह यादव ने अपने बड़े भाइयों के साथ रहकर ही सीखे, जिसने उनके नेतृत्व को प्रारंभिक दिशा दी।
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं। महज 17 वर्ष की आयु में, वर्ष 1974 में, वे मार्केटिंग सोसायटी के अध्यक्ष चुने गए और इस प्रकार सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने लगातार 36 वर्षों तक इस पद पर रहकर सहकारिता क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए। किसानों के हित, पारदर्शिता और संस्थागत मजबूती उनके कार्यकाल की पहचान रही।
उनकी सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली और उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी के हाथों सम्मान/अवार्ड प्राप्त हुआ। यह उनके ईमानदार नेतृत्व और प्रभावी कार्यशैली का प्रमाण था।
सक्रिय राजनीति में रहते हुए चंद्रभान सिंह यादव जिला पंचायत सदस्य, अपेक्स बैंक के प्रतिनिधि तथा जिला सहकारी बैंक के तीन बार निर्वाचित डायरेक्टर रहे। वर्ष 2013 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ा और लगभग 34 हजार मत प्राप्त कर समाज के एक मजबूत प्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।
जनमानस में उनकी पकड़ इतनी गहरी थी कि यह आम धारणा बन गई थी—
“चंद्रभान सिंह यादव के बिना कोलारस विधानसभा का किला जीतना असंभव है।”
वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन और राजनीतिक समझ के केंद्र बिंदु थे।
अपने पीछे वे तीन पुत्र—योगेंद्र सिंह यादव, शिवकुमार यादव और प्रदीप यादव—को अपनी सामाजिक और राजनीतिक विरासत सौंप गए। उनके छोटे पुत्र प्रदीप यादव दो बार अजपा से ग्राम एजवारा ग्राम पंचायत के सरपंच चुने गए, जबकि एक बार उनकी धर्मपत्नी भी सरपंच रहीं।
इसके साथ ही स्टोन क्रशर उद्योग, शिवपुरी–अशोकनगर बस परिवहन सेवा, तथा अपनी अगली पीढ़ी को विदेश में उच्च शिक्षा दिलाने जैसे निर्णय चंद्रभान सिंह यादव की दूरदर्शी और आधुनिक सोच को दर्शाते हैं।
पूरे जीवन उन्होंने सार्वजनिक जीवन, संगठन और समाज को प्राथमिकता दी। सरल व्यक्तित्व, स्पष्ट निर्णय और जमीनी जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी पहचान रही।
आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका जीवन, संघर्ष और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन बना रहेगा।




